मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,  महाराज,  (नीतू बाबा)  बरखेड़ा का। 

धर्मेंद्र श्रीवास्तव, इंडियन न्यूज़ अड्डा जिला ब्यूरो चीफ़ जिला धार, 

मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,   महाराज,   (नीतू बाबा)   बरखेड़ा का। 
मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,   महाराज,   (नीतू बाबा)   बरखेड़ा का। 
मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,   महाराज,   (नीतू बाबा)   बरखेड़ा का। 
मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,   महाराज,   (नीतू बाबा)   बरखेड़ा का। 
मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,   महाराज,   (नीतू बाबा)   बरखेड़ा का। 
मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,  प्रेम दास जी,   महाराज,   (नीतू बाबा)   बरखेड़ा का। 

मान मनवार हुई बागेश्वर जी की आगमन हो गया,

 प्रेम दास जी, 

महाराज,

 (नीतू बाबा)

 बरखेड़ा का। 

धर्मेंद्र श्रीवास्तव,

इंडियन न्यूज़ अड्डा जिला ब्यूरो चीफ़ जिला धार, 

की धार्मिक रिपोर्ट,

"गुरु करें वह मत करो,

 गुरु कहे वह करो"

माता-पिता की सेवा को सर्वश्रेष्ठ बताया......????

इस वर्ष का माघ मेला माही तट पर लगा,

 संत श्री प्रेमदास महाराज 

 (नीतू जी) 

बरखेड़ा जिला धार, 

अत्यंत प्राचीन श्री दादा दयालु खेड़ापति हनुमान धाम सरदारपुर पर, प्रबल संभावनाएं दिनभर बनती बिगड़ती रही, 

बागेश्वर धाम के श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन की, बागेश्वर बाबा के दर्शन के लिए,

(भक्तों का लगा रहा ताता) 

किंतु रात्रि ७: बजे, 

श्री दादा दयालु खेड़ापति हनुमान जी महाराज का चमत्कार हुआ और पहुंच गए गुरुदेव प्रेमदास जी महाराज बरखेड़ा नालछा वाले,

 उन्होंने भक्तों पर अपने आशीर्वचन बरसाए, 

संत श्री प्रेम दासजी ने,

 सत्संग में बताया कि,

 श्री दादा दयालु का बुलावा मुझे था.......

 दादा दयालु धाम के मुख्य ट्रस्टी श्री द्वारका प्रसाद गोराना जी ने बताया कि दिनभर यह खबरें क्षेत्र में सनसनी बनाए हुए थीं कि,

 धीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीजी दादा दयालु धाम पर पहुंचेंगे किंतु प्रभु श्री राम एवं हनुमान जी महाराज की इच्छा थी कि यहां पूजन हेतु प्रेमदास महाराज पहुंचे,

 और ऐसा ही हुआ सैकड़ो भक्तों के साथ प्रेमदास महाराज दादा दयालु धाम पर पहुंचे उन्होंने श्री दादा दयालु खेड़ापति हनुमान जी महाराज का पूजन किया और शयन आरती में सम्मिलित हुए,

इस शुभ अवसर पर ट्रस्टी श्री द्वारका प्रसाद गोराना एवं उनके सुपुत्र रोहित गोराना ने गुरुदेव का अभिनंदन तिलक कर पुष्पमाला भेटकर किया,

  भक्तों के साथ सत्संग के दौरान गुरुदेव ने बताया कि चार वेद और 18 पुराण का सार श्री रामचरितमानस है, 

माही तट पर चल रही अखंड श्री रामचरितमानस के पठन हेतु सभी भक्तों को निर्देशित किया कि नगर के सभी भक्त जन अपने-अपने समय से समय साध कर माही तट पहुंच कर रामचरितमानस का पठन करें,

 तो सभी के जीवन का कल्याण होगा अपने आशीर्वचनों में, उन्होंने कहा कि मेरे साथ भक्ति सत्संग का आनंद लेना हो तो रात्रि 2:00 बजे आश्रम पर आए, उन्होंने श्री चंगा बाबा के दर्शन कर उन्हें सिद्ध संत बताया, 

इस दौरान,

 नगर के सुदीप तिवारी से चर्चा करते हुए,

( स्वयं की आयु 10000 वर्ष बताइ)

 सत्संग के दौरान उन्होंने भक्तों से कहा कि माही माता की प्रतिकृति की स्थापना होने के पश्चात नगर की सारी बाधाएं हट चुकी है,

(समाधिस्थ सरदार सिंह बाबा भी प्रसन्न है)

 हवन पूजन और संतों के चरण पढ़ने से अब नगर के सारे रुके हुए कार्य शीघ्र संपन्न होंगे।